हास्य कविता-मेरा मोबाइल
×××××××××××××××××××
यह क्या गजब हो गया था
मेरे मोबाइल का चार्जिंग सिस्टम
खराब हो गया था
मैं बैचैन हो रही थी
चार्जिंग प्लग एक स्विच से दूसरे स्विच
में लगा रही थी
सबका परिणाम एक जैसा था
मेरा मोबाइल चार्ज नहीं हो रहा था
इसके बिना रहूँगी कैसे
मेरा दिन कटेगा कैसे
सोच सोचकर दिल
बहुत घबरा रहा था
वाट्स अप और फेसबुक की जुदाई
मुझे डरा रही थी
मुझे अपना भविष्य
अंधकार में नजर आ रही थी
थोड़ी देर में मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया
मेरे चेहरे से खुशी,हंसी सब खो गया
आज वाट्स अप और फेसबुक पर
किस किस विषय पर बातें होंगी
किस किस तस्वीर पर
लाइक और डिस्लाइक होगी
यही सोच कर दिन भर मन बोझिल रहा
किसी भी काम में मन न लगा
शाम में पतिदेव जब आये
साथ में दूसरा चार्जिंग तार लेकर आयें
मेरे लिए खुशियों का सौगात ले आयें
ऑनलाइन मेरी सहेलियाँ
मेरे लिए परेशान थीं
पूछ रही कई सवाल थीं
मैं खुशी से फुली न समा रही थी
दे रही उनके हर सवाल का जवाब थी
भगवान किसी को यह दिन न दिखलाये
सबका मोबाइल उनके पास और चार्ज रहे ......
रंजना वर्मा
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यह क्या गजब हो गया था
मेरे मोबाइल का चार्जिंग सिस्टम
खराब हो गया था
मैं बैचैन हो रही थी
चार्जिंग प्लग एक स्विच से दूसरे स्विच
में लगा रही थी
सबका परिणाम एक जैसा था
मेरा मोबाइल चार्ज नहीं हो रहा था
इसके बिना रहूँगी कैसे
मेरा दिन कटेगा कैसे
सोच सोचकर दिल
बहुत घबरा रहा था
वाट्स अप और फेसबुक की जुदाई
मुझे डरा रही थी
मुझे अपना भविष्य
अंधकार में नजर आ रही थी
थोड़ी देर में मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया
मेरे चेहरे से खुशी,हंसी सब खो गया
आज वाट्स अप और फेसबुक पर
किस किस विषय पर बातें होंगी
किस किस तस्वीर पर
लाइक और डिस्लाइक होगी
यही सोच कर दिन भर मन बोझिल रहा
किसी भी काम में मन न लगा
शाम में पतिदेव जब आये
साथ में दूसरा चार्जिंग तार लेकर आयें
मेरे लिए खुशियों का सौगात ले आयें
ऑनलाइन मेरी सहेलियाँ
मेरे लिए परेशान थीं
पूछ रही कई सवाल थीं
मैं खुशी से फुली न समा रही थी
दे रही उनके हर सवाल का जवाब थी
भगवान किसी को यह दिन न दिखलाये
सबका मोबाइल उनके पास और चार्ज रहे ......
रंजना वर्मा
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