लघुकथा-
🌹🌹*गलतफहमी *🌹🌹
××××××××××××××××××××××××
नंदनी अपने घर को सजाने में व्यस्त थी।आज रोहित अपने माता पिता के साथ उसके घर आने वाला था ।कल जब वह खाना बना रही थी,तभी उसकी बेटी रिया ने आकर उससे कहा कि, वह रोहित से प्यार करती है ।उसके माता पिता आप लोगों से मिलना चाहते हैं ।आरम्भ में उसके पति इस रिश्ते से खुश नहीं थे।लेकिन नंदनी ने अपने पति को मना लिया था।बेटी रिया के खुशी से चमकते चेहरे को देखकर उसे बहुत खुशी हो रही थी।
अचानक नंदनी को पच्चीस साल पुरानी अपनी कहानी याद आने लगी ।वह भी मनु नाम के एक लड़के से प्यार करती थी।दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत पसंद था।दोनों घंटों एक दूसरे से बातें किया करते थे ।लेकिन दोनों ने अभी तक अपने प्यार का इजहार नहीं किया था ।घर में नंदनी की शादी की बातें चल रही थी।एक दिन एकांत पाकर नंदनी ने अपनी माँ से अपने प्यार के बारे में बताया ।वह बोली,वह मनु से शादी करना चाहती है ।अभी माँ कुछ बोलती कि उसके दोनों भाई वहाँ आ गये।दोनों भाइयों का गुस्सा सातवें आसमान पर था ।दोनों ने कहा कि वह मनु से दूर रहे,नहीं तो वे दोनों मनु को जान से मार डालेंगे ।नंदनी डर गयी।
अगले दिन मनु नंदनी के पास आया ।उसके हाथों में एक लाल गुलाब था ।उसने लाल गुलाब देते हुए अपने प्यार का इजहार किया ।और कहा,'क्या तुम मुझसे शादी करोगी? अपने भाईयों के कारण नंदनी अंदर से बहुत भयभीत थी ।लेकिन ऊपर से वह हंसते हुए बोली,'तुम गलतफहमी में हो मनु ।मैं तुम से प्यार नहीं करती ।हम सिर्फ दोस्त हैं ।इस दोस्ती को बदनाम मत करो।'मनु को बड़ा सदमा लगा ।वह उसी समय वहाँ से चला गया और फिर उससे कभी नहीं मिला ।
"माँ रोहित के माता-पिता आ गये है ।"रिया ने कहा ।नंदनी उनके स्वागत के लिए आग बढ़ी।लेकिन उसके कदम वहीं थम गये।रोहित के पिता और कोई नहीं मनु था।वह हाथ जोड़ कर खड़ी थी।मनु कह रहा था,"रिया बेटा तुम्हे पूरा यकीन है न कि तुम रोहित से प्यार करती हो।कहीं ये तुम्हारा गलतफहमी तो नहीं ।"
नंदनी की आँखों में आँसू भरे थे ।पर उसे संतोष था कि जो खुशी उसकी माँ ने उसे नहीं दिया था ,वो खुशी उसने अपनी बेटी को दी।
रंजना वर्मा
🌹🌹*गलतफहमी *🌹🌹
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नंदनी अपने घर को सजाने में व्यस्त थी।आज रोहित अपने माता पिता के साथ उसके घर आने वाला था ।कल जब वह खाना बना रही थी,तभी उसकी बेटी रिया ने आकर उससे कहा कि, वह रोहित से प्यार करती है ।उसके माता पिता आप लोगों से मिलना चाहते हैं ।आरम्भ में उसके पति इस रिश्ते से खुश नहीं थे।लेकिन नंदनी ने अपने पति को मना लिया था।बेटी रिया के खुशी से चमकते चेहरे को देखकर उसे बहुत खुशी हो रही थी।
अचानक नंदनी को पच्चीस साल पुरानी अपनी कहानी याद आने लगी ।वह भी मनु नाम के एक लड़के से प्यार करती थी।दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत पसंद था।दोनों घंटों एक दूसरे से बातें किया करते थे ।लेकिन दोनों ने अभी तक अपने प्यार का इजहार नहीं किया था ।घर में नंदनी की शादी की बातें चल रही थी।एक दिन एकांत पाकर नंदनी ने अपनी माँ से अपने प्यार के बारे में बताया ।वह बोली,वह मनु से शादी करना चाहती है ।अभी माँ कुछ बोलती कि उसके दोनों भाई वहाँ आ गये।दोनों भाइयों का गुस्सा सातवें आसमान पर था ।दोनों ने कहा कि वह मनु से दूर रहे,नहीं तो वे दोनों मनु को जान से मार डालेंगे ।नंदनी डर गयी।
अगले दिन मनु नंदनी के पास आया ।उसके हाथों में एक लाल गुलाब था ।उसने लाल गुलाब देते हुए अपने प्यार का इजहार किया ।और कहा,'क्या तुम मुझसे शादी करोगी? अपने भाईयों के कारण नंदनी अंदर से बहुत भयभीत थी ।लेकिन ऊपर से वह हंसते हुए बोली,'तुम गलतफहमी में हो मनु ।मैं तुम से प्यार नहीं करती ।हम सिर्फ दोस्त हैं ।इस दोस्ती को बदनाम मत करो।'मनु को बड़ा सदमा लगा ।वह उसी समय वहाँ से चला गया और फिर उससे कभी नहीं मिला ।
"माँ रोहित के माता-पिता आ गये है ।"रिया ने कहा ।नंदनी उनके स्वागत के लिए आग बढ़ी।लेकिन उसके कदम वहीं थम गये।रोहित के पिता और कोई नहीं मनु था।वह हाथ जोड़ कर खड़ी थी।मनु कह रहा था,"रिया बेटा तुम्हे पूरा यकीन है न कि तुम रोहित से प्यार करती हो।कहीं ये तुम्हारा गलतफहमी तो नहीं ।"
नंदनी की आँखों में आँसू भरे थे ।पर उसे संतोष था कि जो खुशी उसकी माँ ने उसे नहीं दिया था ,वो खुशी उसने अपनी बेटी को दी।
रंजना वर्मा
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