×××××अंतिम संस्कार ×××××
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मीरा बहुत बीमार थी।उसे पेट में असहनीय पीड़ा हो रही थी।डाक्टर ऑपरेशन करने को कह रहे थे ।उसका पति खाट पर लेटा हुआ खर्चा का हिसाब लगा रहा था ।ऑपरेशन का खर्चा , अस्पताल का खर्चा,दवाई सब मिलाकर पचास हजार से ज्यादा हो रहा था ।बीमारी में पहले ही बहुत खर्चा हो चुका था ।कहाँ से लाये वह इतना पैसा? लेटे लेटे उसकी निगाह अपनी झोपड़ी की छत की ओर गयी।'अपनी झोपड़ी बेच देते हैं ।'वह बोला ।
'नहीं!बिलकुल नहीं ।एक छत ही तो है हमारे पास ।मैं तुम्हें और बच्चों को बेघर नहीं होने दूँगी ।भले ही मेरी जान क्यों न चली जाये ।'मीरा बोल पड़ी।
सचमुच बिना इलाज के मीरा चल बसी।रघु पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।अब वह मीरा के अंतिम संस्कार के खर्चों का हिसाब कर रहा था ।दाह-संस्कार, पंडितों के खर्चे,भाई-बंधुओं को खिलाना -कुल खर्चा पचास हजार से ज्यादा हो रहे थे।उसकी नजर फिर झोपड़ी की छत की ओर गयी।'अंतिम संस्कार तो करना ही पड़ेगा ।झोपड़ी बेच देता हूँ ।'वह सोच रहा था ,काश उसने पहले ही अपनी झोपड़ी बेच दी होती तो मीरा आज जिन्दा होती।
रंजना वर्मा
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मीरा बहुत बीमार थी।उसे पेट में असहनीय पीड़ा हो रही थी।डाक्टर ऑपरेशन करने को कह रहे थे ।उसका पति खाट पर लेटा हुआ खर्चा का हिसाब लगा रहा था ।ऑपरेशन का खर्चा , अस्पताल का खर्चा,दवाई सब मिलाकर पचास हजार से ज्यादा हो रहा था ।बीमारी में पहले ही बहुत खर्चा हो चुका था ।कहाँ से लाये वह इतना पैसा? लेटे लेटे उसकी निगाह अपनी झोपड़ी की छत की ओर गयी।'अपनी झोपड़ी बेच देते हैं ।'वह बोला ।
'नहीं!बिलकुल नहीं ।एक छत ही तो है हमारे पास ।मैं तुम्हें और बच्चों को बेघर नहीं होने दूँगी ।भले ही मेरी जान क्यों न चली जाये ।'मीरा बोल पड़ी।
सचमुच बिना इलाज के मीरा चल बसी।रघु पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।अब वह मीरा के अंतिम संस्कार के खर्चों का हिसाब कर रहा था ।दाह-संस्कार, पंडितों के खर्चे,भाई-बंधुओं को खिलाना -कुल खर्चा पचास हजार से ज्यादा हो रहे थे।उसकी नजर फिर झोपड़ी की छत की ओर गयी।'अंतिम संस्कार तो करना ही पड़ेगा ।झोपड़ी बेच देता हूँ ।'वह सोच रहा था ,काश उसने पहले ही अपनी झोपड़ी बेच दी होती तो मीरा आज जिन्दा होती।
रंजना वर्मा
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