लघुकथा- सुहाग
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उस दिन करवा चौथ था।सुरभि ने अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखा था।वह बड़ी बेसब्री से अपने पति का इंतजार कर रही थी ।चाँद अभी निकलने ही वाला था ।दो दिन पहले ही उसके पति अमर एक बहुत ही खूबसूरत लाल रंग की साड़ी लेकर आये थे ।कहा,"इसे तुम करवा चौथ के दिन पहनना ।"सुरभि साड़ी पाकर बहुत खुश हो गई ।वह वही साड़ी पहनकर ,सोलह श्रृंगार कर अपने पति का इंतजार कर रही थी ।
इधर उसके पति ऑफिस के काम से अक्सर शहर से बाहर जाने लगे थे।उसने एक दो बार टोका भी था।वह कहते थे-"तुम्हारे लिए ही तो कमा रहा हूँ ।मैं तुम्हें रानी की तरह से रखना चाहता हूँ ।"यह सुनकर वह खुशी से फुली न समाती थीं ।
अचानक फोन की घंटी बजी ।उसने दौड़ कर फोन उठाया ।उसे खबर मिली कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है ।वह पागल सी बदहवास दौड़ते हुए उस स्थान पर पहुँची जहाँ एक्सीडेंट हुआ था ।वहाँ जाकर उसने जो देखा ,उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई ।गाड़ी में उसके पति के साथ एक महिला भी घायल पड़ी थी।उस महिला ने भी वैसी ही साड़ी पहन रखी थी जैसी उसने।उसे पता चला कि उसके पति ऑफिस के काम के बहाने बाहर जाने के बजाय उस महिला के साथ रहते थे।उसे बड़ा धक्का लगा ।उसने जिस सुहाग के लिए आज निर्जला उपवास रखा था ,वही सुहाग उसे धोखा दे रहा था।
रंजना वर्मा
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उस दिन करवा चौथ था।सुरभि ने अपने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखा था।वह बड़ी बेसब्री से अपने पति का इंतजार कर रही थी ।चाँद अभी निकलने ही वाला था ।दो दिन पहले ही उसके पति अमर एक बहुत ही खूबसूरत लाल रंग की साड़ी लेकर आये थे ।कहा,"इसे तुम करवा चौथ के दिन पहनना ।"सुरभि साड़ी पाकर बहुत खुश हो गई ।वह वही साड़ी पहनकर ,सोलह श्रृंगार कर अपने पति का इंतजार कर रही थी ।
इधर उसके पति ऑफिस के काम से अक्सर शहर से बाहर जाने लगे थे।उसने एक दो बार टोका भी था।वह कहते थे-"तुम्हारे लिए ही तो कमा रहा हूँ ।मैं तुम्हें रानी की तरह से रखना चाहता हूँ ।"यह सुनकर वह खुशी से फुली न समाती थीं ।
अचानक फोन की घंटी बजी ।उसने दौड़ कर फोन उठाया ।उसे खबर मिली कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है ।वह पागल सी बदहवास दौड़ते हुए उस स्थान पर पहुँची जहाँ एक्सीडेंट हुआ था ।वहाँ जाकर उसने जो देखा ,उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई ।गाड़ी में उसके पति के साथ एक महिला भी घायल पड़ी थी।उस महिला ने भी वैसी ही साड़ी पहन रखी थी जैसी उसने।उसे पता चला कि उसके पति ऑफिस के काम के बहाने बाहर जाने के बजाय उस महिला के साथ रहते थे।उसे बड़ा धक्का लगा ।उसने जिस सुहाग के लिए आज निर्जला उपवास रखा था ,वही सुहाग उसे धोखा दे रहा था।
रंजना वर्मा
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👌👌
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