🌷🌷चाँदनी रात🌷🌷
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चाँद का खिला शबाब
चाँदनी की चादर में
लिपट गया संसार
सितारे भी मुस्करा रहे
आपस में बतिया रहे
जिन्दगी की तपिश ने
दिल को जला दिया
चाँद की मखमली रौशनी ने
आकर प्यार से सहला दिया
चाँदनी के फौव्वारे में
मैंने बदन अपने धो लिये
प्यार के फूल जो कुम्हला गये थे
फिर से जी उठे
खुशियाँ एक बार फिर
मेरे दहलीज पर आयीं
फूलों की खुशबू से
बगिया मेरी खिल उठी
ऐ चाँद फिर आकर
मेरे दर पर मुस्कुराना
खुशियों से भर जायेगा
मेरा ये छोटा सा आशियाना....
रंजना वर्मा
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चाँद का खिला शबाब
चाँदनी की चादर में
लिपट गया संसार
सितारे भी मुस्करा रहे
आपस में बतिया रहे
जिन्दगी की तपिश ने
दिल को जला दिया
चाँद की मखमली रौशनी ने
आकर प्यार से सहला दिया
चाँदनी के फौव्वारे में
मैंने बदन अपने धो लिये
प्यार के फूल जो कुम्हला गये थे
फिर से जी उठे
खुशियाँ एक बार फिर
मेरे दहलीज पर आयीं
फूलों की खुशबू से
बगिया मेरी खिल उठी
ऐ चाँद फिर आकर
मेरे दर पर मुस्कुराना
खुशियों से भर जायेगा
मेरा ये छोटा सा आशियाना....
रंजना वर्मा
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